Man (मन)

सुंदर है,

चंचल है,

फूलों सा कोमल है ||


मतवाला है,

 दीवाना है,

पानी सा  बेरंग  है ||


तेज है,

जोश है,

सूरज सा  ताप है||



दुखी है,

खुश है,

सबसे अलग सा 

यह मेरा मन है ||

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BHARAT

जिसे मैंने भौगोलिक नक्शा समझा ,

जिसे मैंने लोगों से  भरा गुच्छा समझा ,

उसमें तो कर्तव्य का समुंदर निकला ,

वह तो मेरा भारत देश निकला ||

 

जिसे मैंने नेताओं का दंगल समझा ,

जिसे मैंने काला धन का गढ़ समझा ,

उसमें तो देश भक्ति का अद्भुत रस निकला ,

वह तो मेरा भारत देश निकला ||

 

जिसे  मैंने अनपढ़ समझा ,

जिसे मैं नारी सुरक्षा असमर्थ समझा ,

उसमें तो स्त्रीत्व का आदर निकला ,

वह तो मेरा भारत देश निकला ||

 

भारत केवल एक देश नहीं है ,

अपितु भावनाओं का उद्बोधन  है ,

देशभक्ति का प्रमाण है ,

भाई चारे का संबंध है ,

जिंदगी जीने का नजरिया है , 

 अपनों के साथ होने का भरोसा है ,

नारी का सम्मान है ,

शिक्षा का अभिमान है ,

हिमालय का बलिदान है ,

बच्चे का मां से प्यार है ,

जल ही जीवन का संदेश है , 

प्रकृति का वरदान है ,

जोश भरे युवाओं का मैदान है ,

वह तो मेरा भारत देश महान है ||

 

 

पहचान

मत पूछ मेरी पहचान , में हु अनजान ||

देख कर लोग मुझको है हैरान ,

में जीते हुवे भी मर रहा हु ,

और मरते हुवे भी जी रहा हु ,

खुद को समझने की कौशीश कर रहा हु

मत पूछ मेरी पहचान , में हु अनजान ||

काल के कपाल पर अपना नाम देख रहा हु ,

में सचाई को खॊज  रहा हु ,

जग-ए-जिंदगी में अकेला लड़ रहा हु ,

एक जीवन साथी खोज रहा हु ,

में चाहता हु जीना ,

पर अपने आपको भूल रहा हु ,

मत पूछ मेरी पहचान , में हु अनजान ||

 

 

||Jivan|| (LIFE)

images

 

मत सोच तू इतना ,आगे बढ़ता चला जा ,
उम्मीद को मत टूटने दे , आगे बढ़ता चला जा||

मेहनत-ए-पसीने से तू धरती को सींचता चला जा ,
फसल-ए-ख़ुशी से अपने जोश को बढाता चला जा ||

राह में रूकावट तो सब को मिलती है,
रूकावट से जीवन का अनुभव लेता जा ||

सरल जीवन से तू क्या कर पायेगा,
कठिनताओं से ही तू संभल पायेगा ||

इसलिए मरने से मत डरा कर,
जीवन को कठिन पथ की तरह ही माना कर ||

मत सोच तू इतना ,आगे बढ़ता चला जा ,
उम्मीद को मत टूटने दे , आगे बढ़ता चला जा||