पहचान

मत पूछ मेरी पहचान , में हु अनजान ||

देख कर लोग मुझको है हैरान ,

में जीते हुवे भी मर रहा हु ,

और मरते हुवे भी जी रहा हु ,

खुद को समझने की कौशीश कर रहा हु

मत पूछ मेरी पहचान , में हु अनजान ||

काल के कपाल पर अपना नाम देख रहा हु ,

में सचाई को खॊज  रहा हु ,

जग-ए-जिंदगी में अकेला लड़ रहा हु ,

एक जीवन साथी खोज रहा हु ,

में चाहता हु जीना ,

पर अपने आपको भूल रहा हु ,

मत पूछ मेरी पहचान , में हु अनजान ||

 

 

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